Vandana shukla
हे दिनकर तुम तेजपुंज
तुम सकल सृष्टि के स्वामी हो
तीनों लोकों में तेज तुम्हारी
तुम करुणामय अंतर्यामी हो……..!!
तुम धरती का तम हरने वाले
मेरे मन का अंधियारा भी हर लो
अज्ञान का यह अंधेरा मिटाकर
यह तन मन मेरा ज्ञानवान कर दो……!!
हे कलयुग के साक्षात् देव
तव अभिनंदन हम करते हैं
हो तुम ही जीवन आधार यहां
प्रभु हम सब तेरे आश्रित हैं. …….!!
तुम सचराचर के स्वामी
सन्मार्ग पर हमको ले चलना
जो भटकें हम जीवन पथ से
तो पथ को प्रकाशित कर देना……!!
विनती यही है हे स्वामी
हर ओर सदा खुशहाली हो
हर जन का मन संतृप्त रहे
निस दिन ही यहां दीवाली हो……!!
कोई बैर नहीं हो दिलों में यहां
सब प्रेम भाव से रहते हों
सुख हो या हो दुख की बदरी
सब साथ साथ में सहते हों. …….!!
ध्वज पताका इस राष्ट्र की अपने
सदा शीर्ष पर लहराए
आनंदित पुलकित हर मन
सदा ही जन गण मन गाए…….!!
#श्री_सूर्य_देव_शरणम्
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