PRIYA SHARMA तेरी बाहों में जो रात गुज़र जाए, तो सुबह का इंतज़ार भी क्यों आए। तेरे जिस्म की गर्माहट में ऐसा सुकून है, कि दिल हर बार बस तुझमें ही खो जाए। ❤️