*नमस्ते जी – आचार्य संजीव रूप*
🕉️*आज का पंचांग व संकल्प*🕉️
🚩 *फाल्गुन – शुक्ल – नवमी- २०८२* 🚩
🏵️ *2 5* *फरवरी* *2026* ⚛️~~~~~~~~~~~~~~~
दिन —– *बुधवार*
तिथि – *नवमी*
नक्षत्र — *रोहिणी*
पक्ष —— *शुक्ल*
माह– — *फाल्गुन*
ऋतु — 💐 *बसंत*
सूर्य —- *उत्तरायण *दक्षिण* गोल
विक्रम सम्वत — 2082
दयानन्दाब्द — 202
शक सम्बत -. 1947
कलयुगाब्द,: 5127
सृष्टिसम्वत- 1960853126
*सूर्योदय-/सूर्यास्त* दिल्ली- 6:51/ 6: 19। लखनऊ : 6: 31/ 6:09 ।
*सूर्य :कुम्भ राशि / चन्द्र : मिथुन*
ब्रह्म मुहूर्त : 5ः18 / 6: 0 6
🌹 *रूप वाणी*
ज्ञान तो है पर आचरण में नहीं उतरा तो ज्ञान व्यर्थ है , क्योंकि ज्ञान का अर्थ जानना नहीं बल्कि वैसा हो जाना है!
🍅 *पहला सुख निरोगी काया*
गुप्त रोग : ( शीघ्र पतन ) 30 ग्राम चने आधा कप पानी में रात को भिगो दें प्रातः चनों को चबाकर खा लें और जो पानी है उसमें शहद मिलाकर पी जाएं , 15 दिन के प्रयोग में ही लाभ होगा
🌷 *संजीव रूप*
वेदकथाकार,पुरोहित
-यज्ञतीर्थ- गुधनी-बदायूँ(उप्र)
*9997386782*
9870989072 –
*हिन्दी संकल्प पाठ* 🏵
हे परमात्मन् आपको नमन! आपकी कृपा . मैं आज एक यज्ञ कर्म को तत्पर हूँ, आज एक ब्रह्म दिवस के दूसरे प्रहर कि जिसमें वैवस्वत मन्वन्तर वर्तमान है,अट्ठाईसवीं चतुर्युगी का कलियुग वर्तमान है। सृष्टि सम्वत एक अरब छियाननवे करोड़ आठ लाख तिरेपन हजार एक सौ छब्बीसवां है,कलियुगाब्द 5127, विक्रम सम्वत् दो हजार बियासी है,दयानन्दाब्द 2O2 वां है, सूर्य उत्तर अयन में दक्षिण गोल में वर्तमान है ,कि *बसंत ऋतु *मास फाल्गुन * शुक्ल पक्ष- तिथि- नवमी* ,नक्षत्र *रोहिणी* है, आज *बुधवार* *25*
*फरवरी 2026* को भरतखण्ड के आर्यावर्त देश के अंतर्गत, ..प्रदेश के ….जनपद…के ..ग्राम/शहर…में स्थित (निज घर में,या आर्यसमाज मंदिर में मैं …अमुक गोत्र में उत्पन्न, पितामह श्री ….(नाम लें ).के सुपुत्र श्री .(पिता का नाम लें)उनका पुत्र मैं …आज सुख ,शान्ति ,समृद्धि के लिए तथा आत्मकल्याण के लिए प्रातः वेला में यज्ञ का संकल्प लेता हूँ!(ऋत्विक वरण)- जिसके निर्देशक /ब्रह्मा के रूप में आप आचार्य….. श्री का वरण करता हूँ,
🕉️ *संस्कृत संकल्प पाठ:*🕉
*ओं तत्सद्।श्री ब्रह्मणो दिवसे द्वितीये प्रहरार्धे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे कलिप्रथमचरणे , एकोवृन्दः षण्णवतिकोटि: अष्टलक्षाणि त्रिपञ्चाशत्सहस्राणि षड्विंन्शत्युत्तरशततमे सृष्टिसंवत्सरे, पञ्चसहस्त्राणि सप्तविंशत्युत्तरशततमे कलियुगे, द्वयशीति – द्विसहस्रतमे वैक्रमाब्दे ,, शाके १९४५ दयानन्दाब्दे( द्वयाधिकद्वि शततमे ) 202 , रवि उत्तरायणे, दक्षिण गोले* *बसंत* ऋतौ, *फाल्गुन मासे, *शुक्ल पक्षे, *नवमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र बुधवासरे* *तदनुसारम् आङ्गलाब्द 2026 …फरवरी मासः, 25*
दिनाङ्क*।
जम्बूद्वीपे,…
भरतखण्डे आर्यावर्तान्तर् गते ………प्रदेशे ,……..जनपदे.. ..नगरे……गोत्रोत्पन्नः….श्रीमान्.(पितामह)….(पिता..).पुत्रस्य… अहम् .'(स्वयं का नाम)…..अद्य प्रातः कालीन वेलायाम् सुख शान्ति समृद्धि हितार्थआत्मकल्याणार्थम् ,रोग -शोक निवारणार्थम् . सर्वेषां कृते मङ्गलमयं भूयात्!🙏
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