Snehal तुम जब भी पुकारोगे मुझे,, मैं यही बैठी मिलूंगी, ठीक तुम्हारे आंगन में, आंचल से तुम्हें सहलाने तुम्हारी सारी थकान मिटाने.. मैं यही मिलूंगी तुम्हें.....