सारिका सिंह (मनी )
निगाहो ने तेरी बयां कर दिया राजे उल्फत जो लब पर न था वो राहो ने तेरी बयां कर दिया…
कभी अश्क़ आँखों मे दरिया किया हमने,
कभी खुद को बेखुद कर लिया..
जो जख्म तेरी इश्क मे दिल ने खाया हमने बयां कर दिया
हमारी इबादत से तो पत्थर भी खुदा हो गए,
तू कास समझता तूने ये क्या कर दिया… 🌹
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