Sugandha Sharma दर्द लिखूं तो तेरी शिकायत रहती है मुहब्बत लिखूं तो मेरी नुमाइश होती है वो लफ्ज तू ही आकर लिख जा #जिसमे मुकम्मल #इश्क़ की गुंजाइश होती है !!!!