बदायू की बात – सुशील धींगडा के साथ
केंद्र और प्रदेश में भले किसी की सरकरी हो परंतु हमारे जनपद में उसी का सिक्का चलता है जो उस क्षेत्र का लोकतांत्रिक राजा हो, ऐसा नहीं कि वहां सरकारी अधिकारी ना हों लेकिन ऐसा लगता है कि नगर पंचायत और नगर निगम तो क्या, जिला पंचायत एव खंड विकास क्षेत्रों में यहीं हालत बनी हुई है। पूरे प्रदेश में पार्किग टैक्स की वसूली पर रोक लगी हो परंतु सहसवान नगर पालिका और इस्लामनगर नगर पंचायत में अपने नियम चल रहे हैं। पूर्व के समय कछला नगर पंचायत का ऐसा ही मामला चर्चा में आ चुका है। बदायूं की बात करें तो शहर में सीवर लाइन की बात फाइलों में दबी है और नगर पालिका ने नाला निर्माण कराने का बीडा उठा लिया। पीएनजी के टैंक और गैस आपूर्ति का कोई पता नहीं लेकिन आधा दर्जन कालोनी में पीएनजी लाइन डालने का काम पूर्ण हो चुका। विद्युत निगम स्मार्ट मीटर लगा रहा है जिसमें दो माह तक बिल जमा ना होने पर स्वतः आपूर्ति बंद हो जाती है परंतु बिल जमा होने के कितने दिन बाद बिजी चालू होगी इसका जवाब विद्युत निगम के स्मार्ट अधिकारियों के पास नहीं होता क्योंकि जिन अधिकारियों को स्मार्ट बिजली चालू करने की जिम्मेदारी दी गई है वह पहले ही काम के बोझ से दबे हुए है, फाईलों के मक्कडजाल और अधिकारियों के पास चक्क्र लगाना आम आदमी की मजबूरी बनी हुई है।
No posts found.
bdnindia.com bdnindia.com | www.bdnindia.com