11:10 pm Thursday , 13 August 2026
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बिल्सी वालों को विकास का अनुज वार्ष्णेय और हरीश शाक्य किसने कराया अहसास !

बदायूं की बात- सुशील धींगडा के साथ
जिले की धार्मिक नगरी, साहित्य का सागर और किसानों की मंडी पर मंथन किया जाए तो बिल्सी का नाम सबसे पहले नजर आता है लेकिन मजेदार बात यह है राजनेतिक उपेक्षा और सुविधाओं की तरसती जनता की हालत पर मंथन किया जाए तो भी बिल्सी का नाम सबसे उपर नजर आता है। बिल्सी के साथ कितनी राजनेतिक उपेक्षा हुई इसका प्रमाण बिल्सी तहसील की स्थापना को लगने वाले समय को देख कर सामने आ जाती है जबकि तहसील बनने के बाद थाने से कोतवाली बनने का समय प्रशासनिक उपेक्षा की प्रतिबिम्ब दिखाता है। ऐसा नहीं कि बिल्सी के नागरिकों का इसमें कोई दोष हो लेकिन उन राजनेताओं को इससे दूर नहीं रखा जा सकता जिन्होंने बिल्सी से जीतने के बाद विकास की ओर ध्यान नहीं दिया। बिल्सी के मतदाताओं ने कांग्रेस, जनसंघ, जनता पार्टी, भाजपा और बसपा सबको परखा लेकिन क्षेत्र का विकास अधिकांश समय उपेक्षित ही रहा।
सच तो यह कि बिल्सी की जनता बसों और बस अडडें को तरसती रही भूजल के गिरते जल स्तर को रोकने हेतु घोषित डार्क जोन का दंश झेलती रही लेकिन क्षेत्र के विधायक बिल्सी से जीतने के बाद जनता के दर्द को नहीं समझ पाए अथवा अनदेखा करके समय व्यतीत करते रहे। बिल्सी के नागरिकों ने स्कूली बालिका और विधायक वाले बहुचर्चित प्रकरण का दर्द झेला, मुख्यमंत्री को बिल्सी से जिताने के बाद बिल्सी से त्यागपत्र का दर्द झेला परंतु किसी विधायक ने इस क्षेत्र में गिरते भूजल स्तर को लेकर नहर की स्थापना पर ध्यान नहीं दिया।
बिल्सी के आम आदमी को पहली बार विकास का अहसास अपने कार्यकाल मे ंचेयरमैन अनुज वार्ष्णेय ने दिलाया जबकि विधायक के दायित्व का अहसास वर्तमान विधायक हरीश शाक्य ने बस अडडे की स्थापना हेतु सार्थक शुरूआत तथा रोडवेज की बसों के संचालन से कराया और यही कारण है कि आज बिल्सी के विधायक हरीश शाक्य के जन्मदिवस पर बिल्सी में अलग रौनक दिख रही है।

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