7:01 am Thursday , 8 October 2026
BREAKING NEWS

स्वस्थ रहने का अर्थ ऊर्जावान होने से है : डॉ. डी.एस. चौधरी

नेहरू मैमोरियल स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बदायूँ की तृतीय छात्रा इकाई द्वारा, कार्य स्थल नगला शर्की में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का आज पाँचवा दिवस था। आज का विषय था ‘ हम स्वास्थ्य कैसे रहें ‘ ।

इस अवसर मुख्य अतिथि
के रूप में मशहूर चिकित्सक .डॉ. डी. एस. चौधरी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि स्वास्थ्य हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। अच्छा स्वास्थ्य हमें शारीरिक व मानसिक चेतना प्रदान करता है। स्वास्थ रहने का अर्थ बीमार न होना नहीं होता है बल्कि स्वस्थ रहने का अर्थ होता है कि हम ऊर्जा और आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहें और अपना हर कार्य तत्परता से करें। अच्छे खानपान और वर्कआउट से खुद को स्वस्थ रखें। हाँ यदि फिर भी हमें कोई बीमारी हो जाये तो उसका तुरन्त उपचार करें।

दास कॉलेज के पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. मोहन लाल मौर्य जी ने कि स्वास्थ्य मनुष्य की अत्यंत व्यक्तिगत पूँजी होती है। जो स्वस्थ या अस्वस्थ होने पर सीधा उसी व्यक्ति को ही प्रभवित करती है। परन्तु उत्तम स्वास्थ्य आत्मविश्वास व चेतना का शक्ति पुंज होता है। इसलिये हमे कुछ समय योग और कसरत को भी देना चाहिए। जिससे के हमारा रक्तसंचार सदैव उत्तम रहे और फेफड़े भलीभांति कार्य करें।

कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शिखा शाक्य ने कहा कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क रहता है। इसलिये हम सबका का प्रथम कर्तव्य यही है कि स्वयं को स्वस्थ रखा जाये और निरोग रहा जाये। साथ ही हमें अपने घर, पड़ोस और मित्रों को भी इसके प्रति सचेत करते रहना चाहिये।

कार्यक्रम में गरिमा, सेजल शिवानी,अमन , कांची वर्मा, शिवांगी पटेल, अर्शी, मुजरिम, तूबा,बबीता, क्रांति, आकांक्षा शाक्य,रीना,चंचल,आदि स्वयं सेविकाओं का विषेष योगदान रहा।

विज्ञापन एक्सप्रेस
No posts found.