Sugandha Sharma नज़ाकत-ए-नर्म खुशबूओं सी लबरेज़ अदाएं। हरदिल अज़ीज़ हैं ये, हर महफ़िल को सजाएं। रंग-ओ-खुशी छलकती है, आ जाने से तुम्हारे। महक रही हैं तुम्हीं से, ये हवाएं, ये फिजाएं। #सुप्रभात_जिंदगी #सुगंधा