7:04 am Monday , 28 September 2026
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एक्सप्रेस परिक्रमा

विरह की तपन- Smart Naina

Smart Naina विरह की तपन ही प्रेम को, कुंदन सा रूप देती है। यह वो पाक पावन आग है, जो रूह को निखार देती है। तपती भूमि को जैसे,पहली बूंद का इंतज़ार होता है। बिछड़ कर मिलने में ही तो, सच्चा और गहरा प्यार होता है। सागर भले ही खारा …

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मुश्किलें – Naina Mehta

Naina Mehta मुश्किलें कितनी भी बड़ी क्यों न हों, वलसाड की हिम्मत और एकता उससे कहीं ज़्यादा मज़बूत है। हमें पूरा विश्वास है कि हमारा शहर फिर से पहले की तरह खड़ा होगा, और पहले से भी अधिक मज़बूत बनकर उभरेगा। आइए, इस कठिन समय में एक-दूसरे का साथ दें, …

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माँ बाप के वो आँसू – Nita Vasave

Nita Vasave लाख ताने सुनने के बाद भी, जब मैं पूछती हूँ खाने में क्या बना दु …. तो याद रखिए…. इस एक सवाल के पीछे, मेरे माँ बाप के वो आँसू छिपे हैं…. जो उन्होंने मेरे कन्यादान करते समय बहाए थे.🥹….#N

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मरु की तपती भूमि में – Sugandha Sharma

Sugandha Sharma मरु की तपती भूमि में होती है जल की आस नहीं पतझड़ में सृजन नहीं होता सागर से बुझती प्यास नहीं. पुष्पित वृक्ष तभी होते जब रवि की गर्मी पाते हैं प्रेमी भी पूर्ण तभी होते जब विरह में जल जाते हैं। #सुगंधा #हर_हर_महादेव

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साथ होकर भी – Sunita O Tiwari

Sunita O Tiwari साथ होकर भी साथ नहीं दिल से दिल की कोई बात नहीं बस मतलब से होता प्यार यहाँ सच्चाई की यहाँ कोई औक़ात नहीं दब जाएगा आवाज तेरा तेरी यहाँ कोई बड़ी पहचान नहीं ४२० धूर्त का जमाना हैं अच्छो का इस गोले में बचेगा मकान नहीं

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गर नहीं है- poonam

__poonam ❣️ गर नहीं है” मयस्सर “तो ऐसा नहीं कि तेरे दीद का ख्वाब नहीं है. ___❣️ पर तुझे देखकर ही प्यार करें इतनी भी आदत खराब नही है…!! #सुहानी #सुबह 🦋 #शुभ #प्रभात ☕

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इश्क को मौसम- Gunjan Agrawal

Gunjan Agrawal इश्क को “मौसम” की जरूरत नहीं, इश्क तो खुद एक मौसम है जो… कभी भी ,कहीं भी और किसी पर भी, बिना सोचे समझे आसानी से चढ़ जाता है..!!! गुंजन शिशिर/ @Gunj26

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तट पर बैठे बैठे- Anyra

Anyra तट पर बैठे बैठे, हाथ कहां कुछ आयेगा, 🍁 रत्न मिलेंगे तुझकों जब सागर के तह में जायेगा, जब कुछ न आये हाथ, समझना डुबकी अभी अधूरी है, जितना भी मुश्किल पर पहला कदम जरूरी है।

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